क्यू कद्र नहीं तुझे वक्त की,
क्यू परवाह नहीं आने वाले कल की,
आजतक ना जाने तुने क्यू सब्र की,
अब लगता है कि...
समय से ज्यादा बड़ा कुछ नहीं।
क्यू परवाह नहीं आने वाले कल की,
आजतक ना जाने तुने क्यू सब्र की,
अब लगता है कि...
समय से ज्यादा बड़ा कुछ नहीं।




