शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

ज़िन्दगी लगती है प्यारी



खुद को जानना सीख गया हूँ,
सीख गया हूँ दुनियादारी,
समय से लड़ना सीख गया हूँ,
सीख गया हूँ शब्दों की कलाकारी,
खुद से लड़ना सीख गया हूँ,
सीख गया हूँ उस रब की अदाकारी ,
क्यों की ...
अब ज़िन्दगी लगती है प्यारी ।

गुरुवार, 30 जुलाई 2020

तैयार हूँ मैं



खुला है आसमान
उड़ने को बेकरार हूँ मैं,
जंग का है मैदान
खुली तलवार हूँ मैं,
तुम थोड़ा रुको ...
आने वाली चुनौतियों
के लिए तैयार हूँ मैं ।

बुधवार, 29 जुलाई 2020

सपने देखने से काम नहीं चलता

ख्वाहिशें है अधूरी, उम्मीद भी है पूरी,
मंजिल से है दूरी, खुद की है मंजूरी,
wait
सिर्फ सपने देखने से काम नहीं चलता ...साहब
उनके लिए काम करना भी है जरुरी।

मंगलवार, 28 जुलाई 2020

सितारों की चमक...


सितारों की चमक कभी कम ना होती,
अगर हम से दूरियां ना होती,
चहरे से मुस्कान कभी कम ना होती,
अगर जीवन में परेशानियां ना होती।

सोमवार, 27 जुलाई 2020

रविवार, 26 जुलाई 2020

खुद पर ही विश्वास था



हवाओं से पूछा है रास्ता,
सफलताओं से है वास्ता,
अब कोई नहीं खास था,
क्यों की...
खुद पर ही विश्वास था।

शनिवार, 25 जुलाई 2020

हारने का भी अलग ही मज़ा है...


हारने का भी अलग ही मज़ा है,
जो हारता है सिर्फ उसी को पता है कि,
जीतने की लिए अभी बहुत कुछ बचा है।

शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

एक दिन

उम्मीदों से भरा हर एक दिन ,
पता है - नहीं हूँ शाहरुख़ सचिन ,
REQUEST मेरी भी होगी SEEN,
जब मिलेगा रब से कोई  HINT,
POST में भी करुंगा LIKE A WIN.

गुरुवार, 23 जुलाई 2020

कुछ पल


जाने क्यों उठते है विचार,
सिर्फ उम्मीदों से मिले आहार,
तेरी जीत भी होगी स्वीकार,
कुछ पल खुद से
खुद के लिए मांग तो ले उधार।

बुधवार, 22 जुलाई 2020

घमंड जब सर चढ़ने


सफलता अचानक मिलने लगे,
मेहनत भी अब मजबूरी लगे,
रुक जाना मेरे दोस्त ....
घमंड जब सर चढ़ने लगे।

मंगलवार, 21 जुलाई 2020

मुसीबतो का कहर


कामयाबियों का है शिखर,
लम्बा है सफर,
रुक ना जाना ए राही,
जो टूटे कभी मुसीबतो का कहर।

सोमवार, 20 जुलाई 2020

रविवार, 19 जुलाई 2020

जिंदा है तू...


अंधेरे में रोशनी को तू देख,
तिनके से खुद को तू सहेज,
लोगो के तानों से कर परहेज,
मरा नहीं जिंदा है तू...
खुद से नज़रे मिलाकर तो देख ।

शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

वर्तमान


आने वाले कल का तुझे खौफ है,
जो बीत गया उसका तुझे अफ़सोस  है,
डरता क्यू  है साले... गौर तो कर
सिर्फ वर्तमान ही तेरा दोस्त है। 

बुधवार, 15 जुलाई 2020

चलते रहना भी एक कला है |



आगे अंधेरा घना है,
पीछे मुड़ना भी मना है,
चलते रहना मेरे दोस्त, क्यों की
चलते रहना भी एक कला है |

मंगलवार, 14 जुलाई 2020

जीना सीखा है...

                                  

चिंगारियों में आग को देखा है,
आंसुओ से सपनों को सीचा है,
आप हुनर की बात करते हो साहब...
हमने अपनी गलतियों से ही जीना सीखा है |

रविवार, 12 जुलाई 2020

रब से इबादत



खामोशी की वजह यु ही नहीं होती,
कुछ पाने की चाहत यु ही नहीं होती,
अगर मिल जाता सब कुछ,
तो उस रब से हर वक़्त इबादत नहीं होती।

गुरुवार, 9 जुलाई 2020

अपनी पहचान


लोगो की कहानियाँ महान है,
दौलत तो अमीरो की शान है,
खो ना जाना दुनिया की भीड़ में मेरे दोस्त
तुझे भी बनानी अपनी पहचान है।

बुधवार, 8 जुलाई 2020

अपना अस्तित्व


कुछ कर गुजर जाना है,
 ज़माने को दिखाना है,
मुझे अपने लिए....
अपना अस्तित्व बनाना है।

सोमवार, 6 जुलाई 2020

खुद से ही लड़ता रहता हूँ


अकेला सा रहता हूँ,
कोशिशे करता रहता हूँ,
खुद से रूठा हूँ साहब ...
खुद से ही लड़ता रहता हूँ।

रविवार, 5 जुलाई 2020

गुरु पूर्णिमा


क्या लिखू उस गुरु के लिए,
जीवन जिसने जिया दुसरो के लिए,
खुश रखना सदा उन्हें,
रब से दुआ है - सिर्फ उन्ही के लिए।

शनिवार, 4 जुलाई 2020

तलाश है



तू जाने क्यों उदास है,
खुद पर ना विश्वास है,
शायद किसी की तुझे तलाश है,
मिलेगा वही जिसकी तुझे आस है,
पल अभी वो खास है,
जिसकी तुझे तलाश है।

गुरुवार, 2 जुलाई 2020

अतीत



आदत नहीं अतीत देखने की .....
मगर यह वही अतीत है
जिसने आगे बढ़ने की चाहत दी।