मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

पहचान नहीं होती


समूह में रहने से ना पहचान मिलती है ना ही सम्मान मिलता है...
जैसे सितारों की कोई पहचान नहीं होती है,
और सूर्य का अलग ही सम्मान होता है ।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

रविवार, 18 अक्टूबर 2020

नन्ही सी जान


नन्ही सी जान है तू,
आने वाले कल की पहचान है तू,
विश्वास रख....
तेरे मां - बाप का सम्मान है तू ।

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

भटकता था...

भटकता था...
खुद को लक्ष्यों से बांध लिया है,
मंजिल तक पहुंचना था...
दिल में अब यह ठान लिया है,
करना क्या है...
इस जीवन में वह भी पहचान लिया है ।
 

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

खुद पर संदेह

 

अगर तुम्हे खुद पर संदेह है,
तो मुझे तुम्हारे भविष्य पर संदेह है ।
| जनहित के लिए जारी |

बुधवार, 14 अक्टूबर 2020

रविवार, 11 अक्टूबर 2020

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020

अभी ठहरा हूं

 अभी ठहरा हूं कोई साथ नहीं मेरे,
अकेला हूं कोई पास नहीं मेरे,
दुनिया के ऐस-ओ-आराम भी नहीं मेरे,
बस
खुद को संवारने में बीते दिन रात सवेरे ।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2020

मां मेरी


 चाहत बड़ी है मेरी,
और तुम्हारी
उम्मीदों से बड़ी है ख़्वाहिश मेरी,
मुझे डरना क्यू है जब...
साथ खड़ी हो मां मेरी ।

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2020

अपनी आदतें


अपनी आदतें कोशिशों द्वारा बदली जा सकती है ...
और इससे बड़ा सच कुछ भी नहीं है ।

शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

तलब है मुझे

 

तलब है मुझे अपने सपनों को पूरा करने की,
क्यों की दुनिया के सारे नशे समय के साथ उतर जाते है ।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

यही जनम


यही है सारी खुशियां
यही है सारे गम,
जिंदगी जी ले पगले
मिला है सिर्फ यही जनम ।