गुरुवार, 8 अक्टूबर 2020

मां मेरी


 चाहत बड़ी है मेरी,
और तुम्हारी
उम्मीदों से बड़ी है ख़्वाहिश मेरी,
मुझे डरना क्यू है जब...
साथ खड़ी हो मां मेरी ।

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