शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

भटकता था...

भटकता था...
खुद को लक्ष्यों से बांध लिया है,
मंजिल तक पहुंचना था...
दिल में अब यह ठान लिया है,
करना क्या है...
इस जीवन में वह भी पहचान लिया है ।
 

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