मंगलवार, 30 जून 2020

रास्ते



रास्ते अगर आसान होते, तो हम भी कामयाब होते,
सुबह से शाम अरमान हमारे कुछ खास होते,
दोस्त भी कुछ खास होते, जिनके शौक लाजवाब होते,
हम भी कुछ खास होते, अगर समय के आगे मोहताज़ ना होते,
रास्ते अगर आसान मिले होते, तो आज हम यहाँ ना होते।

सोमवार, 29 जून 2020

कुछ मजबूरियाँ


उदास होना फितरत नहीं मेरी,
बस कुछ मजबूरियाँ ऐसी भी है,
जो उदास होने पर मजबूर कर देती है।

शनिवार, 27 जून 2020

ज्ञान ना बाटे

यहां फूल है और कांटे
उम्मीदों में दिन भी काटे
रूखी सुखी रोटी भी खाते
बहुत संघर्ष किये है साहब
कृपया ज्ञान ना बाटे।

मंगलवार, 23 जून 2020

ओकात


चाहत अगर बड़ी हो,
तो ऊंचा उड़ना सीखो।
दिल में अगर जूनून हो,
तो खुद में जीना सीखो।
फिर भी ...
गिरने का अगर डर हो,
तो ओकात में रहना सीखो।

रविवार, 21 जून 2020

दोस्त मेरे कुछ खास नहीं



दोस्त मेरे कुछ खास नहीं,
कोई साथ नहीं मगर - पर कोई  बात नहीं,
हम दोस्त ढूंढते नहीं,
चिंगारिया लेकर मगर - दोस्त है चिंगारियों वाले नहीं,
बीच मझदार में साथ भी देते नहीं,
दुःख तो छोड़ो - सुख़ में भी साथ देते नहीं।

शनिवार, 20 जून 2020

मेरी खामोशी




मेरी खामोशी की रज़ा है।
उस रब से बस यही दुआ है ,
खुश रखना मेरे यारो को।
दिल में एक खास जगह है,
दूर जा नहीं सकते और दूर जाने नहीं दे सकते।
बस इस खामोशी की यहीं सजा है,

शुक्रवार, 19 जून 2020

पैसा


बारिश की बूंदो जैसा है पैसा
मेरे दोस्त
हाथो में पड़ता है मगर ठहरता नहीं।

मंगलवार, 16 जून 2020

खुद से तो पूछ

करना है बहुत कुछ.....
बस करना नहीं कुछ.....
क्या करता है, और क्या करना है .....
खुद से तो पूछ। 

रविवार, 14 जून 2020

मेरी जान

उड़ने के लिए आसमान,
जीवन के लिए ज्ञान,
जब कुछ पाने का हो अरमान,
फिर शुरू तो कर मेरी जान |

शुक्रवार, 12 जून 2020

मन ....

मुसाफिर है भटकता रहता है मन ....
अकेला खुद में सहमा सा  रहता है मन....
बिन पंखो के ही उड़ता रहता है मन.....
यह सही वो गलत करता रहता है मन....
मिल जाए मंजिल भी अगर,
फिर भी शंका से भरा रहता है मन.... 

बुधवार, 10 जून 2020

कामयाबी

कामयाबी देखकर सब जलते है मेरे दोस्त..
सिर्फ उसी ने खुद को कामयाबी के लिए जलते देखा है |

मंगलवार, 9 जून 2020

समय

कागज की कश्तियो सा जीवन,
नदियों सा बहता समय,
कश्तिया तो खो सी जाती है बहाव में,
परन्तु समय नहीं ठहरता किसी के अभाव में |

सोमवार, 8 जून 2020

ख्वाइश


ख्वाइशों को बड़ा करके देखो,
चाँद को फ़लक से जमीं पर देखो,
इरादों में  कलम लगा कर तो देखो,
मजबूरियाँ तो ज़िन्दगी में बड़ी है साहब,
कभी माँ - बाप के पैरो में सर झुका कर तो देखो |

शुक्रवार, 5 जून 2020

मेरे दोस्त


चलना तो नदियों से सीखा है दोस्त,

निस्वार्थ बहना और अपनी मौज में जीना सीखा है दोस्त,

और बस यही जाना है...मेरे दोस्त,

आजकल के यह लोग पत्थरों और पहाड़ों के सामान बाज नहीं आते,

फिर चाहे वो तुम्हारी दोस्ती ही क्यों न हो...दोस्त,

बुधवार, 3 जून 2020

3 June 2020


कुछ तो उस माँ ने सोचा होगा,
महान भी कितना इंसान होगा,
भूख से हाल उसका बेहाल होगा,
उसके लिए इंसान भी भगवान होगा,
पर उसे भी कहा अपने न्त समय का ज्ञान होगा,
शायद उस माँ ने यह कभी सोचा न होगा ||

वो इंसान भी कितना निर्दय होगा,
जिसे मंदिर में पूजता होगा,
वो अवतार भी किसका होगा,

यह कभी सोचा न होगा ||

अब वो इंसान भी परेशान होगा,
कुदरत भी अपना करिश्मा दिखा रहा होगा,
इस निर्मम हत्या को सागर की लहरों से जता रहा होगा ||

मंगलवार, 2 जून 2020

मंजिले


मंजिले तो आसान होती है साहब,
बस उनके लिए चलना,
और चलते ही रहना थोड़ा मुश्किल होता है |

सोमवार, 1 जून 2020

Don't Be


Don't be Slow Turtle
or Fucking Rabbit 
What We Learned in School
Because Both are not Success in our existing World.
                                                       Think Again Why !