मंगलवार, 14 जुलाई 2020

जीना सीखा है...

                                  

चिंगारियों में आग को देखा है,
आंसुओ से सपनों को सीचा है,
आप हुनर की बात करते हो साहब...
हमने अपनी गलतियों से ही जीना सीखा है |

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