गुरुवार, 6 अगस्त 2020

समय से ज्यादा बड़ा कुछ नहीं



क्यू कद्र नहीं तुझे वक्त की,
क्यू परवाह नहीं आने वाले कल की,
आजतक ना जाने तुने क्यू सब्र की,
अब लगता है कि...
समय से ज्यादा बड़ा कुछ नहीं।

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