रविवार, 2 अगस्त 2020

चलना है रुकना भी नहीं है अब


सफल होते मुस्कुराते है सब,
परेशानियों से घबराते है सब
तुझसे यह नहीं होगा...
यह समझाते है सब,
खुद को समझा लिया है अब,
खुद को आजमा भी लिया है अब,
चलना है रुकना भी नहीं है अब,
रब यह सांसे छीन ना ले जब तलक ।

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