रविवार, 11 अक्टूबर 2020

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020

अभी ठहरा हूं

 अभी ठहरा हूं कोई साथ नहीं मेरे,
अकेला हूं कोई पास नहीं मेरे,
दुनिया के ऐस-ओ-आराम भी नहीं मेरे,
बस
खुद को संवारने में बीते दिन रात सवेरे ।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2020

मां मेरी


 चाहत बड़ी है मेरी,
और तुम्हारी
उम्मीदों से बड़ी है ख़्वाहिश मेरी,
मुझे डरना क्यू है जब...
साथ खड़ी हो मां मेरी ।

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2020

अपनी आदतें


अपनी आदतें कोशिशों द्वारा बदली जा सकती है ...
और इससे बड़ा सच कुछ भी नहीं है ।