रविवार, 19 जुलाई 2020

जिंदा है तू...


अंधेरे में रोशनी को तू देख,
तिनके से खुद को तू सहेज,
लोगो के तानों से कर परहेज,
मरा नहीं जिंदा है तू...
खुद से नज़रे मिलाकर तो देख ।

शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

वर्तमान


आने वाले कल का तुझे खौफ है,
जो बीत गया उसका तुझे अफ़सोस  है,
डरता क्यू  है साले... गौर तो कर
सिर्फ वर्तमान ही तेरा दोस्त है। 

बुधवार, 15 जुलाई 2020

चलते रहना भी एक कला है |



आगे अंधेरा घना है,
पीछे मुड़ना भी मना है,
चलते रहना मेरे दोस्त, क्यों की
चलते रहना भी एक कला है |

मंगलवार, 14 जुलाई 2020

जीना सीखा है...

                                  

चिंगारियों में आग को देखा है,
आंसुओ से सपनों को सीचा है,
आप हुनर की बात करते हो साहब...
हमने अपनी गलतियों से ही जीना सीखा है |