गुरुवार, 4 मार्च 2021

दिल संभाल जा ज़रा.....

 

टूटे ख्वाबों को लेकर बैठा हूं कहीं,
ऐ, दिल संभाल जा ज़रा.....
खुद से ही रूठ बैठू ना कहीं ।

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