बुधवार, 2 सितंबर 2020

जुनून है तुझमें भी बहुत...

हूं मैं उस नदी सा - जिसे सागर मिल जाए,
हूं उस परिंदे सा - जिसे आसमान मिल जाए,
जुनून है तुझमें भी बहुत...
चाहता है सारा जहान मिल जाए ।

 

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