हाथो की लकीरों से लड़ाई नहीं है मेरी,
जो भी है जैसी भी है जिदंगी है मेरी,
लकीरों से भी उम्मीदें नहीं है मेरी,
सपनो के शिखर पर परछाई है मेरी।
जो भी है जैसी भी है जिदंगी है मेरी,
लकीरों से भी उम्मीदें नहीं है मेरी,
सपनो के शिखर पर परछाई है मेरी।
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