शनिवार, 3 अक्टूबर 2020

तलब है मुझे

 

तलब है मुझे अपने सपनों को पूरा करने की,
क्यों की दुनिया के सारे नशे समय के साथ उतर जाते है ।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

यही जनम


यही है सारी खुशियां
यही है सारे गम,
जिंदगी जी ले पगले
मिला है सिर्फ यही जनम ।

बुधवार, 30 सितंबर 2020

इतना गुरूर


इतना गुरूर ना कीजिए साहब
खुद को शिखर पर देख कर,
क्यों की अगले शिखर के लिए
ज़मीन पर आना तो वाजिब ही है |

मंगलवार, 29 सितंबर 2020

प्रार्थना तो कर


कल्पनाओं से बना है
तेरा आने वाला कल,
धैर्य तो रख
नहीं होगा तू विफल,
प्रार्थना तो कर
बैठ कभी घुटनों के बल ।